ग्रामीण डाक सेवक 1st मेरिट लिस्ट और चेक करें स्टेट वाइज कटऑफ, India Post GDS Cut Off 2026 State Wise

भारतीय डाक विभाग द्वारा GDS भर्ती 2026 की पहली मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद उम्मीदवारों के बीच चयन और कटऑफ को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई अभ्यर्थी यह जानना चाहते हैं कि उनके राज्य में कितने प्रतिशत अंकों तक चयन हुआ है। क्योंकि इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर किया जाता है, इसलिए कटऑफ हर राज्य में अलग-अलग देखने को मिल रही है। यह अंतर मुख्य रूप से वैकेंसी की संख्या और आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या पर निर्भर करता है।

अलग-अलग राज्यों में अलग रही कटऑफ

इंडिया पोस्ट GDS भर्ती में सभी राज्यों की मेरिट एक जैसी नहीं होती। जिन राज्यों में पद कम और आवेदन अधिक होते हैं वहां चयन प्रतिशत काफी ज्यादा हो जाता है। वहीं जिन राज्यों में उम्मीदवारों की संख्या कम होती है वहां कटऑफ थोड़ी कम देखी जाती है। इसी वजह से कुछ राज्यों में सामान्य वर्ग की मेरिट काफी ऊंची रही है, जबकि OBC, SC, ST और EWS वर्ग के लिए अपेक्षाकृत कम प्रतिशत पर भी चयन संभव हुआ है। सही स्थिति जानने के लिए उम्मीदवारों को अपने संबंधित पोस्टल सर्कल की मेरिट लिस्ट देखनी चाहिए।

राज्यवार संभावित कटऑफ का अनुमान

पहली मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद कई राज्यों की संभावित कटऑफ सामने आई है। कई जगह सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों का चयन लगभग 95 से 100 प्रतिशत अंकों के बीच हुआ है, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए कटऑफ कुछ कम देखी गई है। उम्मीदवार इन आंकड़ों के आधार पर अपने चयन की संभावना का अनुमान लगा सकते हैं, हालांकि अंतिम स्थिति आधिकारिक सूची से ही स्पष्ट होती है।

केवल 10वीं के अंकों से बनती है मेरिट

GDS भर्ती की खास बात यह है कि इसमें किसी प्रकार की लिखित परीक्षा नहीं होती। चयन पूरी तरह 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाता है। आवेदन के दौरान उम्मीदवार द्वारा दर्ज किए गए अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है और उसी सूची के अनुसार BPM, ABPM और डाक सेवक पदों पर चयन किया जाता है। यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं तो उम्र और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर क्रम तय किया जाता है।

मेरिट के बाद होती है दस्तावेज जांच

जिन उम्मीदवारों का नाम GDS मेरिट लिस्ट में शामिल होता है उन्हें अगले चरण के लिए बुलाया जाता है। इस चरण में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। उम्मीदवारों को अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर निर्धारित डिविजनल ऑफिस में उपस्थित होना होता है। यदि सभी दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो चयन प्रक्रिया आगे बढ़ती है, जबकि गलत जानकारी मिलने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द भी हो सकती है।

पहली लिस्ट में नाम नहीं तो निराश न हों

कई बार ऐसा होता है कि पहली मेरिट लिस्ट में सभी सीटें भर नहीं पातीं। ऐसी स्थिति में डाक विभाग दूसरी और तीसरी मेरिट लिस्ट भी जारी कर सकता है। अगर दस्तावेज जांच के दौरान कुछ उम्मीदवार अयोग्य पाए जाते हैं या सीटें खाली रह जाती हैं तो नई सूची जारी की जाती है। इसलिए जिन अभ्यर्थियों का नाम पहली सूची में नहीं आया है उन्हें आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट देखते रहना चाहिए।

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